" 5 best places to visit in South India " दक्षिण भारत में घूमने की 5 सबसे बेहतरीन जगह

1. ऊटी,तमिलनाडु
2. कूर्ग, कर्नाटक 
3. पुडुचेरी
4. मुन्नार, केरल 
5. महाबलीपुरम, तमिलनाडु

दक्षिण भारत में घूमने के लिए ऐसे तो कई सारी जगह हैं। लेकिन यह 5 बेहतरीन जगहों में से एक हैं। इन पांचों जगहों में आपको फ्रांसीसी के इतिहास से अवगत कराया जायेगा एवम् ऊटी हिल स्टेशन जो दक्षिण भारत का एक मात्र हिल स्टेशन हैं। दक्षिण भारत समुद्री किनारों से सटा हुआ हैं। इन पांचों जगहों पर दुनियां भर के लोग यहां घूमने आते हैं। अगर आप भी दक्षिण भारत घूमने का प्लान बना रहे हो तो इन पांचों जगहों पर जरूर जाए। 

1. ऊटी :- 
ऊटी तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के अंतर्गत आता हैं। यहां पर अठरवी सदी में फ्रांसीसीयो के अंतर्गत था। यह दक्षिण भारत का एक मात्र हिल स्टेशन हैं। ऊटी में पर्यटकों के लिए बहुत सारे दर्शनीय स्थल हैं और नौका विहार और ट्रेकिंग के अवसर हैं। बोटनिकिल गार्डन यह गार्डन फ्रांसिसियो द्वारा बनाए गया था, यहां पर आप रंग बिरंगे फुल देख सकते हैं। यहां पर आपको शांति की अनुभूति होगी। यह एक बेहद ख़ूबसूरत बगीचा हैं। जो पर्यटक यहां पर आते हैं, और इसका नजारों को देखते हैं।  डोड्डा बेट्टा पीक यह कोटागिरी रोड पर एक शिखर हैं, जिसका नाम डोड्डा बेट्टा पीक हैं। यहां पर आपको ऊंचाई से बहुत ही ख़ूबसूरत नजारों को देख सकते हैं, जो चारो तरफ हरे भरे पहाड़ दिखाई देंगे। 'बिग माउंटेन', डोड्डाबेट्टा नीलगिरी रेंज का उच्चतम बिंदु है और ऊटी में देखने के लिए लोकप्रिय स्थानों में से एक है। यह भारत की सबसे ऊंची चोटियों में से एक हैं। एमराल्ड लेक मूक घाटी में एमराल्ड झील ऊटी में घूमने के लिए एक खूबसूरत जगह है। चाय के बागानों और घास के मैदानों से घिरा, यह क्षेत्र शांत और शांतिपूर्ण है। प्राकृति की गोद में बसा यह हील स्टेशन बहुत ही ख़ूबसूरत हैं। 

ऊटी में और भी घूमने लायक जगह हैं, जैसे :- 
1. सेंट स्टीफंस चर्च
2. चाय संग्रहालय
3. मुदू मलाई राष्ट्रिय उद्यान
4. मरी अम्मान मंदिर 

ऊटी जानें का समय :- 
घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से जून तक है, जब मौसम बाहरी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आदर्श होता है।

2. कुर्ग, कर्नाटक :- 
यह कर्नाटक राज्य के अंर्तगत आता हैं। कुर्ग अपने चाय, कॉफी और घने जंगलों के लिए जाना जाता हैं। यहां पर आपको चारो तरफ वादिया और चारो तरफ बदलो की चादर दिखाई पड़ती हैं। यहां पर घूमने के लिए पहली पसन्द हैं, कुर्ग का एबी फॉल्स। अंग्रेजो के शासन काल में इसे जेस्सी फॉल्स के नाम से जाना जाता था। यहां पर जानें का समय सुबह 8 बजे से शाम को 7 बजे तक रहता हैं। इसको देखने का टिकट मात्र 20 रुपए हैं। यहां पर एक बार आप जरूर विजिट करे। मंडलपट्टी व्यू पॉइंट यह कुर्ग का शिखर का हिस्सा हैं। यहां पर आपको शाम के समय जाना चाहिए और सूर्यास्त का आनंद लें। यहां शाम के समय एक दम शांत वातावरण रहता हैं। कुर्ग का नामद्रोलिंग मठ जो मात्र कुर्ग से 40 Km दूरी पर स्तिथ हैं। इस मठ को स्वर्ण मंदिर भी कहा जाता हैं। पर्यटकों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। नामद्रोलिंग मठ को तिब्बती बौद्ध धर्म संबंधित स्कूलों का सबसे बड़ा शिक्षण केंद्र माना जाता है। राजा की सीट, राजा की सीट उद्यान खूबसूरत फूलों, आर्टिफिशियल फाउंटेन के साथ कूर्ग जिले के मदिकेरी में स्थित है। ताडिया एंडोमील पीक यह कुर्ग और कर्नाटक की सबसे ऊंची चोटी हैं। यहां पर आपको चारो तरफ हरे भरे जंगल और खुबसुरत वादिया नजर आएगी। यहां दृश्य एक दम मन मोहक होने वाला हैं। यह बेहद सुंदर और आकर्षक हैं। 

कुर्ग में और भी घूमने लायक जगह हैं, जैसे :- 
1. इरप्पू वाटर फॉल्स
2. कुर्ग के गार्डन
3. जंगल सफारी 

कुर्ग जानें का समय :- 
यहां पर जानें का अच्छा समय भारतीय समयानुसार अक्टूबर से फरवरी तक का रहेगा। 

3. पुडुचेरी :- 
प्राचिन काल से ही पुडुचेरी वैदिक संस्कृति का केंद्र रहा हैं। इसका सबसे बड़ा शहर है खुद ही हैं। पहले पुदुच्चेरी एक फ्रांसीसी उपनिवेश था। यह महान ऋषि अगत्स्य की भूमि है। ऑरोविल यह पुडुचेरी की सबसे प्रसिद्ध जगहों में से एक हैं। इस जगह को देखने दुनियां भर के लोग आते हैं। 1968 में मीरा अल्फासा या मदर द्वारा स्थापित, टाउनशिप पांडिचेरी के शीर्ष पर्यटन स्थलों में से एक बन गया है। टाउनशिप के केंद्र में सुंदर मातृमंदिर को रोजर एंगर द्वारा डिजाइन किया गया था और यह आधुनिक वास्तुकला का एक सच्चा चमत्कार है। राज निवास अगर आप इतिहास को जानने के शौकीन हैं, तो आप यहां पर जरूर जाए। राज निवास पॉन्डिचेरी की एक खूबसूरत प्राचीन इमारत है।जिसका निर्माण 18वी शताब्दी मे किया गया। यह इमारत वर्तमान में पॉन्डिचेरी के उपराज्यपाल का निवास स्थान है। इस ईमारत का निर्माण फ्रांसीसीयो के द्वारा किए गया था। 
यानम बीच भी घूमने के लिए एक खुबसुरत जगह हैं। यह एक पुडुचेरी का समुद्र तट हैं। जो शाम के समय यहां पर बहुत भीड़ रहती हैं। इस समुद्र तट पर आप जरूर जाए और शाम के समय जाए। 

पुडुचेरी में और भी घूमने लायक जगह हैं, जैसे :- 
1. पेरेडेज बीच 
2. अरबिंदो आश्रम
3. लाइट हाउस
4. ओस्तेरी झील

पुडुचेरी जानें का समय :- 
 यहां पर आपको जुलाई से नवम्बर के बीच में जाना चाहिए। इस समय पर आपको पुडुचेरी की असली खूबसूरती नजर आएगी।

4. मुन्नार, केरल :-
मुन्नार, केरल के इद्दुक्की जिले में स्तिथ हैं। मुन्नार तीन पहाड़ी धाराओं के संगम में स्तिथ हैं। मुतिरापुझा धारा, नलथन्नी धारा, कुंडला धारा। इन तीन धाराओं से मुन्नार का उदय होता हैं। यह अंग्रेजो के शासन काल में अंग्रेजो का विश्राम स्थल हुआ करता था। मुन्नार इको पॉइंट मुन्नार 10 Km दूरी पर स्तिथ यह मुन्नार का खुबसुरत पॉइंट हैं। अपनी प्रतिध्वनि के रूप में इस पॉइंट पर आप चिल्लाते समय अपनी आवाज़ को एक इको में सुन सकते हैं। इको पॉइंट पर आप यहां कई गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। चाहे वह पहाड़ी ढलानों के आसपास एक शांतिपूर्ण तरीकों से घूमना हो, या पहाड़ी की चोटी पर ट्रेक करना हो, इको पॉइंट एडवेंचर के दीवाने लोगों के लिए एक स्वर्ग है। अत्तुकूद झरना मुन्नार में आपको देखने के लिए झरने भी दिख जायेंगे। यह झरने केरल की पहाड़ियों से होते हुऐ दक्षिणी समुद्र तटों में गिरते हैं। अट्टुकड जलप्रपात तेज धारा से गिरता हुआ एक रोमांचकारी स्थान है, जहां आपको जरूर जाना चाहिए। अगर आप मुन्नार जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आप अरविकुलम नेशनल पार्क जरुर जाए। वहा पर आपको कई सारे जानवर और और कुछ खुबसुरत पक्षी देखने का मौका मिलेगा। अरविकूलम एक बेहद शानदार जगह हैं। इस नेशनल पार्क में लोग जाना पसन्द करते है। 

मुन्नार जाने का सही समय :- 
यहाँ जाने के लिए सर्दियों का महीना (नवंबर- फरवरी) सबसे ठीक होता है। खासकर दिसंबर और जनवरी में यहाँ पर्यटकों की भीड़ लगी होती है। 

मुन्नार में और भी घूमने लायक जगह हैं, जैसे :- 
1.मुन्नार का टॉप स्टेशन
2.मुन्नार का रोज गार्डन
3.मरायुर डोलमेस
4.मुन्नार का टी म्यूजियम 

5. महाबलीपुरम, तमिलनाडु :- 
महाबलीपुरम या फिर मामल्लपुरम यह भारत के तमिलनाडु राज्य के चेंगलपट्टू जिले में स्तिथ हैं। वराह गुफा मंदिर महाबलीपुरम में स्थित चट्टान से बना एक मंदिर है। इसे आदि वराह गुफा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। शोर मन्दिर महाबलीपुरम यह मन्दिर द्रविड शैली में निर्मित मन्दिर हैं। यह दक्षिण भारत के प्राचीन मंदिरों में से एक हैं। यह मन्दिर भगवान शिव को समर्पित हैं। एवम् इस मन्दिर में विष्णु भगवान का मन्दिर भी स्तिथ हैं। पेरूमल मन्दिर यह मन्दिर भगवान विष्णु को समर्पित हैं। यह मन्दिर द्रविड शैली में निर्मित है। पेरुमल मंदिर जिसे थिरुकदलमल्लई भी कहा जाता है। ओलक्कनेश्वर मन्दिर जिसे ओल्ड लाइट हाउस भी कहा जाता हैं। इस मन्दिर को सफेद ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित किया गया है। यह मन्दिर एक पहाड़ी पर बना हुआ हैं,तो आप इसकी चोटी से शहर का दृश्य भी देख सकते हैं। 

महाबलीपुरम में और भी घूमने लायक जगह हैं, जैसे :- 
1. गणेश रथ मंदिर, महाबलीपुरम 
2. करुक्का थम्मन मन्दिर, महाबलीपुरम
3. मुकुंद नयनार मन्दिर, महाबलीपुरम 

महाबलीपुरम,तमिलनाडु जाने का सही समय :- 
वैसे तो महाबलीपुरम आप कभी भी जा सकते हैं, पर आप फरवरी से जुलाई के बीच में जाएं तो अच्छा रहता है, क्योंकि वहा पर बारिश का मौसम रहता हैं उस टाइम।

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